किसी इंसान की जान कौन लेता है - वोल्टेज या करंट ? कितने वोल्टेज या करंट से किसी इसांन की मौत हो सकती है ?

किसी इंसान की जान कौन लेता है - वोल्टेज या करंट ? कितने वोल्टेज या करंट से किसी इसांन की मौत हो सकती है ?

किसी इंसान की जान कौन लेता है - वोल्टेज या करंट ? कितने वोल्टेज या करंट से किसी इसांन की मौत हो सकती है ?

★ जान कौन लेता है वोल्टेज या एंपियर( करंट ) ?

आप सभी ने कभी ना कभी बिजली के झटकों ( शॉक ) को महसूस तो जरूर किया होगा । सचमुच यह बहुत पीड़ादायक अनुभव होता है । अगर यह बिजली के झटके ज्यादा देर तक हमारे शरीर में बना रहे तो इससे जान भी जा सकती है । पर दोस्तों आपने कभी यह जानने की कोशिश की कि आखिरकार जान लेता कौन है? बिजली में उपस्थित वोल्टेज या एंपियर( करंट ) ?

इसका उत्तर अगर मैं आपको एक शब्द में दूं तो हमारी जान हमेशा एंपियर यानी कि करंट लेता है, लेकिन दोस्तों यहां आपको यह भी जाना जरूरी है की करंट अकेला कुछ नहीं कर सकता उसके साथ हमेशा वोल्टेज विद्यमान रहता ही है । मात्रा कम या ज्यादा हो सकता है ।

आइए इसे हम एक उदाहरण से समझते हैं -

दोस्तों आप सभी अपने घरो बिजली चेक करने के लिए टेस्टर का उपयोग तो करते ही होंगे । चेक करने के लिए आप सर्वप्रथम टेस्टर आगे के हिस्से को बिजली के फेस वाले स्थान के संपर्क में लाते हैं और टेस्टर के पिछले हिस्से को अपने हाथों से टच किए रहते हैं तथा अपने पैरों से अर्थ देकर परिपथ को पूरा करते हैं जिससे कि टेस्टर में लगा बल्ब जल उठता है । पर क्या आपने एक चीज नोटिस की आपको बिजली का झटका क्यों नहीं लगा ? जबकि बिजली, परिपथ पूरा करने के लिए आपके शरीर से होकर पैरों के माध्यम से ही जमीन में जा रही है ।

ऐसा टेस्टर मे लगे रजिस्टेंस के कारण संभव हो पाया । रजिस्टेंस ने विद्युत में से करंट यानी एंपियर को रोक दिया और केवल वोल्टेज को ही आगे जाने दिया । इस प्रकार यह समझ सकते हैं कि कि हमारे लिए वोल्टेज खतरनाक नहीं है बल्कि करंट खतरनाक है ।

★ अब एक दूसरा सवाल यह आता है कि कितने एंपियर तक का करेंट एक इंसान को मार सकता है ?

नीचे दिए गए कुछ पॉइंट की मदद से आप यह आसानी से समझ सकते हैं कि महिला एवं पुरुषों में कितने - कितने एंपियर की मात्रा उनके शरीर में क्या - क्या इफ़ेक्ट करती है ?

यहां हमने करंट की मात्रा AC और DC दोनों यूनिटों में बताया है -

men ( 1.0 mA ), woman ( 0.6 mA ) [ DC ], 

men ( 7 mA ), woman ( 5 mA ) [ AC ],

( करंट की कितनी मात्रा से शरीर में हल्का झुनझुनी सा महसूस होता है )

■ men ( 5.2 mA ), woman ( 3.5 mA ) [ DC ],  

men ( 12 mA ), woman ( 8 mA ) [ AC ],

( करंट की इस मात्रा से हमें झटके महसूस होते हैं )

■ men ( 62 mA ), women ( 4 mA ) [ DC ],  

men ( 55 mA ), women ( 37 mA ) [ AC ], 

( करंट की यह मात्रा दर्दनाक होती है )

■ men ( 76 mA ), woman ( 51 mA ) [ DC ], 

men ( 75 mA ), women ( 50 mA ) [ AC ],

( इस मात्रा में अगर किसी को करंट लग जाए तो उसे दर्द के साथ - साथ वह अपनी हाथ या पैरों को हिलाने - डुलाने में भी असमर्थ हो जाता है )

■ men ( 90mA ), women ( 60 mA ) [ DC ], 

men ( 94 mA ), women ( 63 mA ) [ AC ],

( करंट की यह मात्रा से इंसान को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है )

■ men ( 500 mA ), women ( 500 mA ) [ DC ], 

men ( 100 mA ), women ( 100 mA ) [ AC ], 

( अगर इस मात्रा की करंट किसी को लग जाए तो 3 सेकेंड के अंदर ही उसका हार्ट फेल होने से मौत भी हो सकती है )

ऊपर दिए गए जानकारी के अनुसार आप यह तो समझ ही गए होंगे कि करंट की कितनी मात्रा किसी इंसान की जान ले सकता है पर दोस्तों आपने गौर किया है कि वेल्डिंग मशीन में एंपियर यानी कि करंट 100 - 150 Amp से भी कहीं ज्यादा होता है फिर भी वेल्डिंग करने वाला अपने हाथों से ही रोड को पकड़कर काम करता है ऐसे में सवाल यह आता है कि इसे करंट क्यों नहीं लग रहा ? तो दोस्तों हमारा अगला सवाल यही है कि -

★ वेल्डिंग मशीन में काम करने वाले व्यक्ति को करंट क्यों नहीं लगता ?

हमने यह पहले ही जाना है की करंट या वोल्टेज हमेशा अकेले नहीं होते । करंट के साथ हमेशा वोल्टेज होगा ही और अगर वोल्टेज है तो करंट होगा ही । ऐसे में यह सवाल फिर आ जाता है कि वेल्डिंग मशीन में इतना करंट ( Amp. ) होने के बावजूद भी व्यक्ति को करंट क्यों नहीं लगता ।

इसका मुख्यतः एक कारण है और वह यह है कि वेल्डिंग मशीन में एंपियर तो हाई होता है पर वोल्टेज की मात्रा कम होता है । इसके साथ ही किसी व्यक्ति को झटका लगने के लिए व्यक्ति के शरीर का रजिस्टेंस कितना है यह भी निर्भर करता है । ऊपर हमने यह जाना कि किसी व्यक्ति को बिजली का झटका लगने के लिए कितने एंपियर तक का करेंट जरूरी होता है । 

किसी व्यक्ति का रजिस्टेंस, व्यक्ति की मौजूदा कंडीशन में डिपेंड करती है । अगर व्यक्ति का शरीर गिला है तो रजिस्टेंस कम होगा और वहीं अगर सुखी है तो ऐसे में रजिस्टेंस ज्यादा देखने को मिलेगा । आइए इसे हम एक उदाहरण के माध्यम से समझने की कोशिश करते हैं ।

मान लीजिए की कोई व्यक्ति जिसका बॉडी रेजिस्टेंस 8000 ओम है, तब ओम के नियम के अनुसार -

I ( करंट ) = V ( वोल्ट ) / R ( रजिस्टेंस )

यहां हमें I यानी कि करंट निकालना है, इसके लिए हमें दो चीजें पता होने चाहिए पहला वोल्ट ( V ) और दूसरा रजिस्टेंस ( R ),

वोल्ट ( V ) के लिए हमें यह पता होना चाहिए कि वेल्डिंग मशीन के आउटपुट में कितना वोल्ट निकलता है । एक सामान्य वेल्डिंग मशीन आउटपुट वोल्टेज की मात्रा 240 वोल्ट में लगभग 37 - 41 वोल्ट होती है । उस हिसाब से अगर हम 40 वोल्ट एवरेज लेकर चलें तो - 

I = 40 / 8000 ( यहां हमने R, सामान्य स्थिति में बॉडी के रेजिस्टेंस को रखा है ) तो,

I = 0.005 

इससे यह साफ हो जाता है कि व्यक्ति के शरीर से उस समय 0.005 एंपियर का ही करंट प्रवाहित होता है । और यह तो हमने पहले ही जान लिया है कि किसी व्यक्ति को झटका लगने के लिए कम से कम 0.0012 ( 12 mA ) एंपियर तक का करंट होना चाहिए ।

तो दोस्तों अब आप यह समझ गए होंगे कि आखिरकार क्यों वेल्डिंग मशीन के हाई एंपियर वाले तार को छूने पर भी हमें करंट क्यों नहीं लगता ।


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