Air Cooled , Oil cooled , Liquid cooled इंजन क्या होते हैं ? और इन तीनों टाइप के इंजनों में कौन सा बेहतर है ?

 Air Cooled , Oil cooled , Liquid cooled इंजन क्या होते हैं ? और इन तीनों टाइप के इंजनों में कौन सा बेहतर है ?

आप सभी ने मोटरसाइकिल में लगे इंजनों को तो देखा ही है । यह इंजन internal combution engine होते हैं यानी कि इनमें पावर उत्पादन इंजन के अंदर पेट्रोल और हवा के जलने से होता है । ऐसे में जब इन इंजनों में पावर प्रोड्यूस होता है तब इन इंजनों से दो तरह की एनर्जी रिलीज होती है ।

  • 1. Mechinical Energy
  • 2. Hit Energy

इसमें मैकेनिकल एनर्जी हमारे लिए उपयोगी होता है क्योंकि इसकी मदद से ही इंजन में लगे क्रेंकसाफ्ट का रोटेशन संभव हो पाता है जो कि अंततः गाड़ी के पहियों को चलाने के लिए जरूरी होता है पर मैकेनिकल एनर्जी के साथ हिट एनर्जी भी प्रोड्यूस होती है । 

इंजन के स्मूथ रनिंग के लिए, इंजन के परफॉर्मेंस को मेंटेन रखने के लिए तथा इंजन के पार्ट्स को हेल्दी रखने के लिए यह बहुत जरूरी होता है कि हम इस उत्पन्न हिट को जल्द से जल्द दूर करें । और इसी कारण इंजनों में कूलिंग सिस्टमओं का यूज किया जाता है जिससे कि इंजन को ज्यादा से ज्यादा ठंडा रखा जा सके ।

हमारे मोटरसाइकिल में मुख्यतः तीन प्रकार के कूलिंग सिस्टमों का उपयोग किया जाता है। 

  • 1. Air Cooled Engine
  • 2. Oil Cooled Engine
  • 3. Liquid Cooled Engine

1. Air Cooled Engine - 

Air Cooled, Oil Cooled, What are the Liquid Cooled Engines? And which is better in these three type engines?

ऐसे मोटरसाइकिल जिनमें Air Cooled लगा हुआ होता है इनके इंजनों के सिलेंडर ब्लॉक और हेड के चारों तरफ मेटल का स्ट्रीप लगा हुआ होता है और इस मेटल के स्ट्रीप को फिंस कहा जाता है । इस कारण इंजन ब्लॉक और हिट के आसपास के एरिया का सरफेस बढ़ जाता है । जब इंजन चलता है तो इंजन से उत्पन्न गर्मी इन्हीं प्रिंस में ट्रांसफर होती है । 

जब वातावरण का हवा इन फिंस से होकर गुजरता है तो इससे इंजन को ठंडा होने में मदद मिलती है इस कारण इस प्रकार के इंजनों को Air Cooled Engine कहते हैं, पर इस तरह के इंजनों में केवल बाहरी हवा पर ही डिपेंड होना पड़ता है यानी कि अगर वातावरण में मौजूद हवा गर्म है ( जो कि गर्मियों के मौसम में होता ही है ) ऐसे में इस प्रकार के इंजनों की कूलिंग एफिशिएंसी और भी ज्यादा गिर जाती है ।

आइए अब हम एयर कूल्ड इंजन के Advantage और Dis-Advantage के बारे में जान लेते हैं :-

■ Advantage -

- इनका डिजाइन सिंपल होता है ,

- इनका मैन्युफैक्चरिंग आसान होता है ,

- मेंटेनेंस भी आसान होता है ,

- इनका कीमत कम होता है ,

- वजन में हल्के होते हैं 

■ Disadvantage - 

अगर हम तीनो टाइप के हैं इंजन की बात करें तो एयर कूल्ड इंजन की कूलिंग कैपेसिटी सबसे कम होती है क्योंकि इस तरह के इंजनों में केवल और केवल वातावरण के हवा पर ही निर्भर रहना पड़ता है इसलिए इसे केवल 150cc तक की ही गाड़ियों में इसका उपयोग किया जाता है ।

2. Oil Cooled Engine - 

Air Cooled, Oil Cooled, What are the Liquid Cooled Engines? And which is better in these three type engines?

ऑयल कूल्ड इंजन को बजाज ने अपने पल्सर बाइक के जरिए मार्केट में लाया था । इस इंजन को एक प्रकार से एयर कूल्ड इंजन का एडवांस वर्जन मान सकते हैं । क्योंकि इस प्रकार के इंजन में एयर कूल्ड इंजन वाला सारा काम तो होता ही है पर इसके साथ - साथ इस इंजन में इंजन ऑयल( मोबिल ) को भी ठंडा किया जाता है ।

जैसे कि हम जानते हैं कि इंजन ऑयल से ही हमारे इंजन के पार्ट्स लुब्रिकेट होते हैं लेकिन जब इंजन लगातार चलता है तब इंजन गर्म हो जाता है, इसके साथ ही साथ इंजन में मौजूद इंजन ऑयल भी गर्म हो जाता है । इंजन ऑयल के गर्म होने से उसका विस्कोसिटी यानी की चिपचिपापन कम होने लगता है जिस कारण यह इंजन के मूविंग पार्ट्स को सही से लुब्रिकेट नहीं कर पाती । 

इसी समस्या से बचने के लिए इस प्रकार के इंजनों में ऑयल कुलर का उपयोग किया जाता है । यह ऑयल कुलर इंजन ऑयल को ठंडा करने में मदद करता है । ऑयल कुलर देखने में रेडिएटर की तरह ही दिखाई देते हैं । तथा इसी ऑयल कुलर से गुजर कर इंजन ऑयल अंततः फिर से इंजन में पहुंचता है और यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है ।

■ Advantage / Disadvantage -

अगर हम ऑयल कूल्ड इंजन के एडवांटेज और डिसएडवांटेज की बात करें तो यह लगभग एयर कूल्ड इंजन के जैसा ही है । बस इसकी कीमत एयर कूल्ड इंजन के मुताबिक थोड़ी ज्यादा होती है क्योंकि इस प्रकार के इंजनों का उपयोग 200cc से ऊपर के वाले बाइकों में किया जाता है ।

3. Liquid Cooled Engine - 

Air Cooled, Oil Cooled, What are the Liquid Cooled Engines? And which is better in these three type engines?

इस टाइप के इंजन की कूलिंग कैपेसिटी बाकी अन्य दोनों टाइप के इंजन के मुताबिक सबसे अधिक होती है । इसलिए इस तरह के इंजन का उपयोग अधिकतर हाई परफॉर्मेंस वाली बाइकों में किया जाता है । लिक्विड कूल्ड इंजन में एयर कूल्ड इंजन की तरह फिंस नहीं होते । इसके साथ ही इसमें इंजन ऑयल यानी मोबिल को ठंडा नहीं किया जाता है । 

इसमें इंजन को ठंडा करने के लिए मुख्य रूप से कूलेंट का यूज किया जाता है जो कि एक हरे रंग का दिखाई देने वाला तरल होता है । इस कूलेंट में एन्टी-फ्रीजिंग और एन्टी-कोरीजोनॉल जैसे कई पदार्थ होते हैं । 

एंटी-फ्रीजिंग मटेरियल कूलेंट को जमने से रोकते हैं और एन्टी-कोरीजोनॉल मटेरियल इंजन में मौजूद वाटर जैकेट में जंग लगने से रोकते हैं ( वाटर जैकेट इंजन सरेंडर एवं हेड के चारों ओर खोखली संरचना होती है जिसके अंदर से कूलेंट बहता है ) इसके साथ ही इस तरह के इंजनों में रेडिएटर का भी यूज किया जाता है तथा इसी रेडिएटर के अंदर से कूलेंट को गुजारा जाता है ताकि कूलेंट ठंडा हो सके ।

■ Advantage -

- कूलिंग कैपेसिटी बेहतर होती है ,

- इंजन में नॉइस लेवल बहुत कम हो जाता है ,

- इंजन का ओवरहीटिंग की प्रॉब्लम खत्म हो जाती है ,

- यह हर तरह के वातावरण के लिए सूटेबल होता है ।

■ Disadvantage -

- इसका डिजाइन कॉम्प्लिकेटेड होता है ,

- मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट भी ज्यादा होती है ,

- इस तरह के इंजन में पार्ट्स ज्यादा लगे होने के कारण इनका मेंटिनेस कॉस्ट भी ज्यादा होता है ।

तो दोस्तों यह थे इन तीनों टाइप के इंजनों के मुख्य अंतर । उम्मीद करते हैं दोस्तों आपको यह छोटी सी जानकारी अच्छी लगी होगी । अगर फिर भी आपके मन में किसी प्रकार का कोई सवाल यह सुझाव हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं । धन्यवाद ।

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