विभिन्न - विभिन्न मोटर-साइकिल कम्पनियों की एडवांस टेक्नोलॉजी क्या है ? क्या इन टेक्नोलॉजीस से कोई लाभ है ?

विभिन्न विभिन्न मोटर-साइकिल कम्पनियों की एडवांस टेक्नोलॉजी क्या है ? क्या इन टेक्नोलॉजीस से कोई लाभ है ?

विभिन्न विभिन्न मोटर-साइकिल कम्पनियों की एडवांस टेक्नोलॉजी क्या है ? क्या इन टेक्नोलॉजीस से कोई लाभ है ?What is the Advance Technology of various different motorcycle companies? Is there any benefit from these technologies?
विभिन्न विभिन्न मोटर-साइकिल कम्पनियों की एडवांस टेक्नोलॉजी क्या है ? क्या इन टेक्नोलॉजीस से कोई लाभ है ?What is the Advance Technology of various different motorcycle companies? Is there any benefit from these technologies?

आप सभी मोटरसाइकिल तो चलाते ही होंगे पर दोस्तों आपने कभी गौर किया कि आपके मोटरसाइकल के साइड या फिर इंजन में कंपनी के नाम के अलावा भी कुछ वर्ड लिखे होते हैं । जैसे अगर हम बजाज की मोटरसाइकिल की बात करें तो उसमें बजाज के लोगों के अलावा उसके इंजन वाले पार्ट में कुछ वर्ड लिखे होते हैं जैसे DTS - i या DTS - Si । इसके अलावा अन्य कंपनियों के मोटरसाइकिलो में भी कुछ ना कुछ वर्ड लिखे होते हैं, पर क्या आप जानते हैं कि यह वर्ड्स क्यों लिखे जाते हैं? आखिरकार इन वर्ड्स का मतलब क्या होता है ? 

दोस्तों ये वर्ड्स या शब्द उस बाइक में उपयोग किए गए एडवांस टेक्नालॉजी के विषय में बताती है । हर कंपनी अपने बाइक में उपयोग किए जाने वाले इंजन की परफॉर्मेंस को और ज्यादा बेहतर बनाने के लिए नए-नए टेक्नोलॉजी का विकास करते रहती है जिससे कि इंजन को बेहतर से बेहतर बनाकर बेस्ट रिजल्ट प्राप्त किया जा सके । 

आइए दोस्तों हम जानते हैं कि अलग-अलग कंपनियों के मोटरसाइकिल में लिखे गए इन शब्दों का मतलब क्या है ? और इन कंपनियों द्वारा अपने मोटरसाइकिल के इंजन में क्या बदलाव किये गए हैं ? तथा इन बदलावों से मोटरसाइकिल के परफॉर्मेंस में किस प्रकार से प्रभाव पड़ा है ?

[ 1 ] DTS - i ( Digital Twin Spark Ignition ) - 

इस टेक्नोलॉजी को डेवलप बजाज कंपनी ने किया है और यह आपको बजाज के मिड रेंज के बाइको में देखने को मिल जाएगी । 

दोस्तों यहां इन शब्दों को एक्सप्लेन करने से पहले हम Ignition को समझते हैं । जब भी हवा और पेट्रोल का मिक्सचर इंटक वॉल के जरिए इंजन के अंदर पहुंचता है तो वहां वह कंप्रेसर होकर स्पार्क प्लग से निकली चिंगारी की वजह से जल जाता है जिससे कि इंजन में लगे पिस्टन का मोशन हो पाता है । जलने की इस प्रक्रिया को ही ignition कहा जाता है ।

अब आ जाते हैं हम अपने टॉपिक की ओर । DTS - i टेक्नोलॉजी में जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है Twin Spark यानी कि डबल स्पार्क ( प्लग ) । इस टेक्नोलॉजी में इंजन के हेड में दो स्पार्क प्लगो का यूज किया जाता है जिससे कि हवा और पेट्रोल का मिक्सचर जल्दी से जल्दी जल सके । 

इस टेक्नोलॉजी से सबसे बड़ी कामयाबी यह मिली है कि हवा और पेट्रोल का मिक्सचर सिंगल स्पार्क प्लग से 40% जल्दी जलती है । जिससे की गाड़ी में बेहतर टॉर्क, बेहतर माइलेज के साथ - साथ एग्जास्ट गैस ( धुंआ ) कम निकलता है । जिससे कि ओवर ऑल पूरे बाइक की परफॉर्मेंस बेहतर हो जाती है ।

[ 2 ] DTS - Si ( Digital Twin Spark - Swirl Induction ) - 

यह भी बजाज कंपनी के द्वारा ही डिवेलप टेक्नोलॉजी है । इसमें भी दो स्पार्क प्लगो का यूज किया जाता है पर इसके साथ - साथ इंजन में भी कुछ थोड़े बदलाव किए गए हैं । इसमें इंजन के हेड में स्थित इंटेक्स वॉल्व के डिजाइन में कुछ हल्के बदलाव किए गए हैं जिससे कि हवा और पेट्रोल का मिक्सचर इंजन के सिलेंडर के अंदर डायरेक्ट ना आकर Swirl यानी कि गोल - गोल घूमते हुए अंदर प्रवेश करें । ज्यादा समझने के लिए आप नीचे दिए गए इमेज देख सकते हैं ।

विभिन्न विभिन्न मोटर-साइकिल कम्पनियों की एडवांस टेक्नोलॉजी क्या है ? क्या इन टेक्नोलॉजीस से कोई लाभ है ?What is the Advance Technology of various different motorcycle companies? Is there any benefit from these technologies?
swirl effect

किस टेक्नोलॉजी से बेनिफिट यह हुआ कि हवा और पेट्रोल का मिक्सचर इंजन के अंदर अच्छी तरह से मिल पाता है ताकि यह मिक्सचर प्रॉपर तरीके से बिल्कुल क्लीन और कंप्लीट जल सके ।

[ 3 ] APDV ( Advance Pro-series Digital Variable ) - 

इस टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट हीरो कंपनी ने किया है । यह टेक्नोलॉजी एक इलेक्ट्रॉनिक इग्निशन बेस्ड टेक्नोलॉजी है यानी कि इसमें इंजन के अंदर फ्यूल के जलने की प्रक्रिया को नियंत्रित किया जाता है । इस टेक्नोलॉजी में मुख्य रूप से दो कंपोनेंट का उपयोग किया जाता है -

  • 1. CDI ( Capacitive Discharge Igniter )
  • 2. TPS ( Throttle Position Sensor )

यह मोटरसाइकिल कार्बोरेटर के थ्रोटल वाल्व के पास लगा होता है इसका मुख्य काम यह होता है कि चालक द्वारा गाड़ी चलाते समय कितना एक्सलरेटर लिया जा रहा है इसे पता करना । TPS इस पूरे डाटा को CDI के पास भेजता है और CDI इग्निशन कॉइल के मदद से स्पार्क प्लग को जरूरत के हिसाब से चिंगारी उत्पन्न करने का संदेश भेजता है । 

इसे आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि अगर कोई व्यक्ति ज्यादा एक्सीलेटर लेता है तो उसी हिसाब से स्पार्क प्लग से चिंगारी भी तेजी से निकलता है, अगर व्यक्ति एक्सीलेटर कम लेता है तो चिंगारी भी कम निकलता है । इस टेक्नोलॉजी से हमे बेनिफिट यह हो जाता है कि इससे हमें अपने बाइक मे बेहतर पावर, बेहतर माइलेज, बेहतर परफॉर्म देखने को मिलता है ।

[ 4 ] ASFS ( Advanced Swirl Flow-Induction System ) - 

इस टेक्नोलॉजी का निर्माण करता हीरो कंपनी है । इसे आप हीरो के 125cc से लेकर 150cc तक के टू व्हीलर्स के अंदर देख सकते हैं । यह टेक्नोलॉजी dts-si से ही मिलता जुलता टेक्नोलॉजी है । इसके अंदर भी हवा और पेट्रोल का मिक्सचर Swirl flow के साथ यानी घूम - घूम कर इंजन के सिलेंडर के अंदर पहुंचता है । इससे भी हमें अपने मोटरसाइकिल के अंदर बेहतर माइलेज, बेहतर परफॉर्म और बेहतर कंबशन इत्यादि देखने को मिलता है ।

[ 5 ] ATFT ( Advanced Tumble Flow Induction Technology ) -

इस टेक्नोलॉजी का निर्माता हीरो कंपनी है । इसे आप हीरो के ज्यादा सीसी वाले मोटरसाइकिल के अंदर देख सकते हैं । यह टेक्नोलॉजी ASFS का ही एक इंप्रूव वर्जन है । इसके अंदर इंजन हेड के इंटेक वाल्व में कुछ जरूरी मॉडिफिकेशन किए गए हैं । 

विभिन्न विभिन्न मोटर-साइकिल कम्पनियों की एडवांस टेक्नोलॉजी क्या है ? क्या इन टेक्नोलॉजीस से कोई लाभ है ?What is the Advance Technology of various different motorcycle companies? Is there any benefit from these technologies?
tumble flow

जब हवा और पेट्रोल का मिक्सचर इंजन के अंदर प्रवेश करता है तब यह एक tumble flow पैटर्न में प्रवेश करता है जिससे वहां एक टर्बूलेंस क्रिएट होता है । टर्बूलेंस के कारण ही हवा और पेट्रोल का मिक्सर बहुत ही अच्छे तरीके से आपस में मिल पाते हैं । इस टेक्नोलॉजी से भी हमें बेहतर माइलेज, बेहतर पावर आउटपुट, बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी इत्यादि देखने को मिल जाते हैं ।

[ 6 ] i3S ( Idle Start Stop System ) -

इस टेक्नोलॉजी का जनक भी हीरो कंपनी ही है । यह यूनिक टेक्नोलॉजी आपको हीरो के मिड रेंज बाइक में देखने को मिल जाएगी । इस टेक्नोलॉजी के काम करने के तरीके के विषय में अगर हम बात करें तो इसमें गाड़ी में लगे सेंसर, गाड़ी चल रही है या नहीं, यह डिटेक्ट करके गाड़ी को स्वत: बंद या चालू करती है ।

इस टेक्नॉलजी के विषय में अगर हम और थोड़ा विस्तार से बात करें तो इसमें जब गाड़ी स्टार्ट कंडीशन में हो और गाड़ी न्यूट्रल गियर में हो तथा गाड़ी में एक्सीलेटर न लिया जा रहा हो इसके साथ गाड़ी खड़ी हो तो ऐसी कंडीशन में गाड़ी में लगे सेंसर गाड़ी को खुद-ब-खुद बंद कर देते हैं तथा जैसे ही क्लच लीवर को प्रेस किया जाता है तो गाड़ी को खुद-ब-खुद स्टार्ट भी कर देता है । इस टेक्नोलॉजी का मुख्य उद्देश्य गाड़ी से बेहतर से बेहतर माइलेज निकालना है ।

[ 7 ] HET ( Honda Eco Technology ) - 

टेक्नोलॉजी का डेवलपर हौंडा कंपनी है । दोस्तों जितनी भी कंपनियां के टेक्नोलॉजी के विषय में हमने जाना उन सब में कोई ज्यादा खास अंतर नहीं है, वैसे देखें तो सभी टेक्नोलॉजी में बस 19 - 20 का ही अंतर है । इस टेक्नोलॉजी में भी Swirl flow और Tumble flow पद्धति का ही उपयोग किया गया है । इससे भी बेहतर माइलेज, बेहतर परफॉर्मेंस, बेटर पावर आउटपुट इत्यादि देखने को मिल जाता है ।

[ 8 ] Blue Core - 

यह टेक्नोलॉजी यामहा कंपनी के नाम पेटेंट है । इसमें भी हवा और पेट्रोल का मिक्सचर Tumble Flow पद्धति से इंजन के सिलेंडर के अंदर प्रवेश करता है । इसके साथ ही इसमें इंजन इंटरनल पार्ट्स के डिजाइन में भी कुछ बदलाव किया गया हैं । 

विभिन्न विभिन्न मोटर-साइकिल कम्पनियों की एडवांस टेक्नोलॉजी क्या है ? क्या इन टेक्नोलॉजीस से कोई लाभ है ?What is the Advance Technology of various different motorcycle companies? Is there any benefit from these technologies?
off-side crank soft

इस ब्लू कोर टेक्नोलॉजी के अंतर्गत इंजन में लगा क्रेंक सॉफ्ट का सेंटर थोड़ा ऑफ - साइड यानी बगल में होता है । जिससे कि सिलेंडर के ऊपर साइड में जोर कम लगता है जिस कारण पावर लॉस कम हो जाता है और बेहतर माइलेज देखने को मिलता है । इसके साथ ही इसमें एक एलमुनियम के सिलेंडर का यूज किया जाता है जो कि इंजन को बेहतर कूलिंग प्रदान करता है ।

[ 9 ] SEP ( Suzuki Eco Performance ) - 

इस टेक्नोलॉजी का जनक सुजुकी कंपनी है । यह हौंडा के HET और यामहा के Blue Core टेक्नोलॉजी से मिलता - जुलता ही टेक्नोलॉजी है । इसमें सुजुकी में एक सिलेंडर में 4 वाल्व  का उपयोग किया है । कंपनी ने इंजन के अंदर प्रिंटेड पिस्टन का उपयोग करती है ताकि फ्रिक्शन कम से कम हो । 

इसके साथ-साथ इंटेक वाल्व में कुछ बदलाव किए हैं तथा रॉकर आर्म को रिप्लेस कर के रोलर रॉकर आर्म का उपयोग किया है । यह सभी चीजे मिलकर ओवरऑल पुरी बाइक के परफॉर्मेंस को बेहतर बनाती है जिससे बेहतर माइलेज, बेहतर पावर आउटपुट के साथ-साथ राइडर को स्मूथ राइडिंग का भी अनुभव हो ।

तो दोस्तों यह थे कुछ टू व्हीलर की दुनिया के कुछ शानदार टेक्नोलॉजी जिसकी मदद से कंपनी के साथ-साथ आम व्यक्ति को भी अपनी मोटरसाइकिल से बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं ।


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